उदारवाद को लेकर हमारे देश में कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ देखने को मिलती हैं। क्या यह केवल एक पश्चिमी सोच है, या हमारे अपने इतिहास, भक्ति आंदोलन और ‘धर्म’ की जड़ों में भी इसकी गहरी झलक मिलती है?
भारतीय उदारवाद: राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक…
उदारवाद को लेकर हमारे देश में कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ देखने को मिलती हैं। क्या यह केवल एक पश्चिमी सोच है, या हमारे अपने इतिहास, भक्ति आंदोलन और ‘धर्म’ की जड़ों में भी इसकी गहरी झलक मिलती है?