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Binod Narayan Singh's avatar

यह यात्रा-संस्मरण पाठक को केवल पेरिस की गलियों में घुमाता ही नहीं, बल्कि उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिवेश से भी जीवंत रूप से जोड़ता है। मोनमार्ट की जीवंतता, कलाकारों के संघर्ष (वैन गॉग, पिकासो), 'पेरिस कम्यून' की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अंत में सेक्रेकर के भव्य रूप का वर्णन इतने सहज और रोचक ढंग से किया गया है कि पूरा दृश्य आँखों के सामने जीवंत हो उठता है।

ऐतिहासिक तथ्यों, कलात्मक संदर्भों और व्यक्तिगत अनुभवों का यह संतुलन इस लेख को अत्यंत पठनीय, समृद्ध और उच्च स्तरीय बनाता है। एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक रचना

Arun Jee's avatar

बहुत बहुत धन्यवाद